पोम्पेई : शहर वीरान, निशानियां करती हैं हैरान
- Yasha Mathur
- Jul 16, 2024
- 9 min read
Updated: Nov 20, 2024
Pompeii: City deserted, signs astonish you
Yasha Mathur
यशा माथुर

सोचिए कि अचानक एक ज्वालामुखी फटे, धुएं का गुबार उठे, तेजी से गर्म उफनता हुआ लावा बाहर आए और पूरे शहर को जला जाए। क्या आप इस दृश्य की कल्पना भी कर सकते हैं? आपको यह भयावह तस्वीर अब सामने से देखने को तो नहीं ही मिलेगी लेकिन इस त्रासदी के अवशेष जरूर देखने को मिल सकते हैं। करीब 2000 साल पहले ज्वालामुखी के फटने से करीब 20 हजार आबादी वाला एक शहर कुछ ही क्षणों में पूरी तरह से नष्ट हो गया। यहां रहने वाले लोग ज्वालामुखी से निकलने वाले लावे में 13 से 20 फीट नीचे दब गए और खत्म हो गए। इस ज्वालामुखी से उठे धुएं के गुबार और लावे की तपन ने पूरे शहर को पत्थर में तब्दील कर दिया। यह शहर है इटली का पोम्पेई। आज भी इसकी दीवारें, खंडहर और पत्थर हो गए शरीर उस क्रूर आपदा की याद दिला जाते हैं ...
Imagine that suddenly a volcano erupts, clouds of smoke rise, hot lava comes out rapidly and the whole city burns down. Can you even imagine this scene? You may not get to see this horrific picture in person now, but you can definitely see the remains of this tragedy. About 2000 years ago, a city with a population of about 20 thousand was completely destroyed in a few moments due to the eruption of a volcano. The people living here got buried 13 to 20 feet below the lava coming out of the volcano and perished. The clouds of smoke rising from this volcano and the heat of the lava turned the whole city into stone. This city is Pompeii of Italy. Even today its walls, ruins and bodies turned into stone remind us of that cruel disaster...


खुदाई में खूबियां आ रहीं सामने
कुछ वर्ष पहले जब हम इटली घूमने गए थे तो सबसे पहले रोम में पांव रखा। वहां होटल जाने पर हमें अगले दिन के कार्यक्रम के बारे में बताया गया। वह टूर करीब 15 दिन का था और इसमें पोम्पेई शहर भी शामिल था। रोम में रहने वाले एक भारतीय संबंधी ने जब पूछा कि क्या आप अपने इस टूर में पोम्पेई जाएंगे, तो लगा कि कुछ खास होगा वहां। शायद खूबसूरत समंदर का छोर, हरियाली से लदी-फदी पहाड़यिां, बेहिसाब चट्टानें, वास्तुकला का कोई अद्भुत नमूना या फिर मस्ती से खिले सुहाने रंगों के फूल। क्योंकि यूरोप में घुमक्कड़ी के दौरान इन्हीं सब की तो कल्पना की थी मैंने। लेकिन जब उत्सुकतावश पूछा कि क्या है वहां पर? तो जवाब मिला 'एक वीरान शहर के निशान, मैं इटली में सब जगह घूमा हूं लेकिन वहां अभी तक नहीं जा पाया। बहुत इच्छा है उसे देखने की।‘ अब मेरी जिज्ञासा बढ़नी लाजिमी थी। सर्च किया तो पता चला कि हजारों साल पहले ज्वालामुखी के लावे में दब कर पोम्पेई के लोग पत्थर बन गए थे और खुदाई में इस शहर की खूबियां लगातार सामने आ रही हैं।Excavation brings out some special things
When we went to Italy a few years ago, we first set foot in Rome. When we reached the hotel there, we were told about the next day's program. That tour was for about 15 days and the city of Pompeii was also included in it. When an Indian relative living in Rome asked if we would visit Pompeii in this tour, I thought that there would be something special there. Maybe the shore of the beautiful sea, mountains laden with greenery, countless rocks, a wonderful example of architecture or flowers of beautiful colors blooming happily. Because I had imagined all these things during my travels in Europe. But when I asked out of curiosity what is there? The answer I got was 'signs of a deserted city, I have roamed everywhere in Italy but have not been able to go there yet. I have a great desire to see it.' Now my curiosity was bound to increase. When we searched, we found out that thousands of years ago, the people of Pompeii were turned into stone after being buried in the lava of the volcano and the specialties of this city are constantly being revealed in the excavations.

बुत बन गए वहां रहने वाले लोग
एक तरफ प्रकृति की रचनात्मकता आनंद देती है और दूसरी तरफ भयावहता डरा देती है। क्रूर आपदा के बचे अवशेष याद दिलाते हैं उस क्षण की, जब आबाद, हंसते-खेलते शहर वीरान हो जाते हैं। वेनिस से रवेना और फिर असीसी के सेंट फ्रांसिस बेसिलिका को देखते हुए हमने पेरुगिया में रात को विश्राम किया और अगले दिन सुबह हमारी रवानगी आर्कियोलॉजिकल साइट पोम्पेई की ओर थी। वहां हमें लोकल गाइड पाउला मिलनी थीं जो वीरान हो गए पोम्पेई शहर की खासियतें बताने के लिए हमारे साथ जाने वाली थीं। पोम्पेई शहर इटली का जाना-माना पर्यटन स्थल है। यह यूनेस्को की वल्र्ड हेरीटेज साइट घोषित है। पोम्पेई के खंडहर आज के आधुनिक पोम्पेई शहर के पास ही स्थित हैं। हर साल लाखों लोग इसे देखने आते हैं। एक रिपोर्ट बताती है कि जब माउंट वेसुवियस से ज्वालामुखी फटा था तब शहर का तापमान 250 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था, जो किसी इंसान को खत्म करने के लिए काफी था। यहां रहने वाले लोगों का शरीर ज्वालामुखी के लावे की वजह से पत्थर में बदल गया। जो जहां था वहीं बुत बन गया।
The people living there have become statues
On one hand, the creativity of nature gives joy and on the other hand, the horror scares. The remains of the cruel disaster remind us of that moment when populated, happy cities become deserted. From Venice to Ravenna and then after seeing the St. Francis Basilica of Assisi, we rested at night in Perugia and the next day morning we were to leave for the archaeological site Pompeii. There we had to meet the local guide Paula, who was going to accompany us to tell us the specialties of the deserted city of Pompeii. The city of Pompeii is a well-known tourist destination of Italy. It is declared a UNESCO World Heritage Site. The ruins of Pompeii are located near the modern city of Pompeii. Every year millions of people come to see it. A report tells that when the volcano erupted from Mount Vesuvius, the temperature of the city reached 250 degrees Celsius, which was enough to kill a human being. The bodies of the people living here turned into stone due to the lava of the volcano. Wherever they were, they turned into statues.


संस्कृति बयान की जाती थी नाटकों के जरिए
जैसे ही हमारी कोच विरासत बन गए इस प्राचीन रोमन शहर के पास रुकी तो हाथ में पोर्टेबल रेडियोज पकड़ा दिए गए और गाइड पाउलो का अनुसरण करने को कहा गया। बहुत बड़ा परिसर था इस शहर का। देखकर लगा कि इतना पैदल कैसे चल पाएंगे, लेकिन इस अजूबे पर्यटन स्थल को देख लेने का संतोष और यादें संजो लेने का मोह थोड़े ही छोड़ा जा सकता था। हम जैसे पर्यटकों के कई समूह यहां आए हुए थे। हल्की चढ़ाई के बाद अब हम उस वीरान शहर में थे जो कभी आबाद था। जहां कभी बच्चों की किलकारियां और लोगों के कहकहे गूंजते थे।लंबी गलियां, दुकान, मकान करीने से बने थे। लगता था विला जैसे घरों में सुख-सुविधा का हर साधन मौजूद रहा होगा। डिजाइन सिमेट्रिकल थे। एक बड़े ओपन एम्फीथियेटर की सीढ़ियों पर बैठ कर हमने कैमरे में इसकी बनावट के साथ अपनी फोटोज कैद कीं। कहते हैं कि खुदाई में पहली बार जब यह एम्फीथियेटर सामने आया तो इसकी दीवारों पर पेंटिंग्स नजर आई थीं लेकिन वे समय के साथ खत्म हो गईं। यह एम्फीथियेटर बता रहा था कि यहां के लोग अपनी संस्कृति को नाटकों के जरिए बयान करते थे। दो स्नानगृह देखने को मिले जिन्हें शायद स्त्रियां ओर पुरुष इस्तेमाल करते रहे होंगे। नहाने और सफाई की पूरी व्यवस्था थी यहां। इन सब से पता चलता था कि उस समय के लोग काफी सभ्य थे। यहां अखाड़ा, व्यायामशाला और एक बंदरगाह तक था।Culture was described through plays
As soon as our coach stopped near this ancient Roman city that has become a heritage, we were given portable radios in our hands and were asked to follow the guide Paulo. This city had a very large complex. Seeing it, we felt how we would be able to walk so much, but the satisfaction of seeing this amazing tourist spot and the temptation of cherishing memories could not be left. Many groups of tourists like us had come here. After a slight climb, we were now in that deserted city which was once inhabited. Where once the shrieks of children and the laughter of people echoed. Long streets, shops, houses were built neatly. It seemed that every means of comfort must have been present in the villa-like houses. The designs were symmetrical. Sitting on the steps of a large open amphitheater, we captured our photos with its structure in the camera. It is said that when this amphitheater was discovered for the first time during excavation, paintings were seen on its walls but they disappeared with time. This amphitheater was telling that the people here used to express their culture through dramas. Two bathrooms were seen which might have been used by men and women. There was a complete system of bathing and cleaning here. All this showed that the people of that time were quite civilized. There was an arena, gymnasium and even a port here.

महिलाएं होती थीं सेक्स गुलाम
शहर को पार करते-करते हम एक पतली गली से एक इमारत की ओर आए जिसकी दीवारों पर स्त्री-पुरुष के चित्र बनाए गए थे। यहां पत्थर के बिस्तर थे। देखने में लग रहे इस वेश्यालय की मौजूदगी और इसकी दीवारों पर उकेरे गए चित्र यह भी बता रहे थे कि यहां देहव्यापार गैरकानूनी नहीं था। चर्चा से पता चला कि वहां के लोग महिलाओं को सेक्स गुलाम की तरह रखते थे। 10 कमरों के एक विशाल वेश्यालय की दीवारों पर चित्रकारी बेशक धुंधली पड़ गई है लेकिन इटली की सरकार ने इसे संरक्षित कर पर्यटकों के लिए खोल दिया। इससे आगे बढ़ते-बढ़ते हम एक बड़े मैदान में आ गए जिसमें पर्यटकों की चहल-पहल थी। इसे देख कर लगा कि जब दीवारें रोशन रहती होंगी, चिराग जलते होंगे तब इसी तरह लोग घूमा करते होंगे।
Women were sex slaves
While crossing the city, we came to a building through a narrow lane on whose walls pictures of men and women were drawn. There were stone beds here. The presence of this brothel and the pictures engraved on its walls were also telling that prostitution was not illegal here. The discussion revealed that the people there kept women as sex slaves. The paintings on the walls of a huge brothel of 10 rooms have faded but the Italian government has preserved it and opened it for tourists. Moving ahead from here, we reached a big field where there was a hustle and bustle of tourists. Seeing this, we felt that when the walls would be illuminated and lamps would be lit, then people would have roamed around in this way.

आधुनिक और संपन्न था शहर
अब बारी थी खुदाई में मिले सामान को देखने की। जिन्हें कई एनक्लोजर्स में संजोया गया था। जब वर्ष 1748 में इस शहर के बारे में पता चला और खुदाई शुरू हुई तो धूल और मलबे की मोटी परतों के बावजूद भी इमारतें, कलाकृतियां सलामत मिले और कंकाल दिखने लगे। खोज के दौरान वहां से निकली वस्तुओं को संरक्षित किया गया है। जो शव पत्थर हो गए उन्हें प्लास्टर कास्ट कर पर्यटकों के देखने के लिए रखा गया है। इस हादसे में जो जैसा था वह वैसा ही रहा गया। खुदाई में मिले अवशेषों से इस शहर की सम्पन्नता और आधुनिकता का अंदाजा साफ तौर पर लगाया जा सकता है। बगीचे में रखी जाने वाली मेजें, आदमकद मूर्तियां, पानी के सुराहीदार बर्तन यह बताते हुए मिले कि यह एक समृद्ध शहर था।
The city was modern and prosperous
Now it was the turn to see the things found in the excavation. Which were preserved in many enclosures. When this city was discovered in the year 1748 and the excavation started, despite the thick layers of dust and debris, the buildings, artifacts were found intact and skeletons started appearing. The things found from there during the excavation have been preserved. The bodies which had turned into stone have been plaster cast and kept for tourists to see. Whatever was there in this accident remained as it was. The remains found in the excavation clearly give an idea of the prosperity and modernity of this city

विदेशी दोस्तों के चेहरे की वह मुस्कान
यूरोप यात्रा में विदेशी दोस्तों के चेहरे पर हर वक्त मुस्कान देखना, खुलकर मिल जाना एक खुशनुमा एहसास था। पोम्पेई में भी दूसरे देशों से आए लोग हमसे एक जिंदादिल मुस्कुराहट के साथ मिल रहे थे। पूरे शहर का चक्कर काटने के बाद जब लोकल गाइड ने सभी को बाय कहा तो हमारे ग्रुप के सैलानी खुद ही टिप देने के लिए आगे बढ़े। वे मना करती रहीं लेकिन करीब तीन घंटे तक लगातार बोलतीं पाउलो के काम से सब खुश थे। वे हंसीं कि मैंने तो इतनी टिप की कल्पना या आकांक्षा ही नहीं की थी। शहर से बाहर निकल कर कॉफी पीने की जरूरत को नहीं टाल सके। इसी बीच हल्की-फुल्की शॉपिंग करना रिफ्रेशिंग रहा।
The smile on the faces of foreign friends
While travelling in Europe, it was a pleasant experience to see smiles on the faces of foreign friends all the time, to meet them openly. In Pompeii also, people from other countries were meeting us with a lively smile. After going around the whole city, when the local guide said bye to everyone, the tourists in our group themselves came forward to give tip. She kept refusing but everyone was happy with the work of Paulo who kept on talking for about three hours. She laughed that I had not even imagined or expected such a tip. We could not avoid the need to go out of the city and have coffee. Meanwhile, doing some light shopping was refreshing.



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